sharad purnima.jpg
IMG-20150921-WA0023.jpg
janmashtami.JPG
radashtami.jpg
deewali annakut.jpg
jal yatra.jpg
khichdi bhog.jpg
rath yatra.jpg
holi_edited.jpg
jhulan.jpg
basant panchami.jpg
akshay trititya.jpg

Sharad Purnima, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

थारी लाल तुमपै मैं बलिजाऊँ।

श्रीवन माहिं निरंतर वसिकै तुमरो ई गुन गाऊँ॥

चरन निहोरि कहों करजोरी यह मांगें हो पाऊँ।

ललिता माधुरी निरखि जुगुलछवि मनकी साध पुराऊँ॥

Phool Bangla Flower Decoration of thakur ji, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

तुव रुचि जानि छवीले सों, नाना वनफूल विनाऊं ।

नानाभांति लालसंग वीनौं, देखि न दृग सियराऊं ।।

Shri Krishna Janmashtami, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

भादों कृष्णा अष्टमी रसिकन को सुख दैन॥

ललितादिक लीला रची लखि सचु पावत नैन॥

नैन पावत सचु सखी छविरूप दंपति देखिकै॥

देखें मानो चकोरी है रहे मुख लेखक॥

Shri Radha Ashtami, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

याही गैल छैल मनमोहन वीरा टुक मुसक्या गयी है।

नीरी सी नबवाल छँंगुनियां गहि दुगसैन चलाय गयो है ।।

ललित किरोरी फूक बंसुरिया मुहनी सी सगराथ गयी है।

क्रितक्रित इत उत मची डगरमें व्रज विनमोल विकाई गयो है।।

Dipawali & Annakut, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

भरे भादों अंधेरी छवि अपारी।

भई दिन दोपहर की रैन कारी।

पखेरू उड़ घुसे घर घोस में री ।

जगी आतिश हिये चकवा चकेरी ।।

Jal Yatra, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

सावन मास सुहावन भावन, झींगुरवा बोलें।

दादुर सोर मचावें वनवन, इंद्रवधू डोलैं।

सखिन दूम डारिदिये झूला।

झमकिझमकि झूलें झुकि गावें, झोंटासमतूला।।

Khichdi Bhog, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

उधर से श्यामघन सजि गर्जि आया।

मदन दोहून वनवीथिन दवाया।।

दूऊ दुर तेग अवरू संवारी।

लगे दृगकोर की मारन कटारी।।

Rath Yatra, Vrindavan

Holi, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

श्रीचैतन्य नाम धन मेरे कर्म धर्म दूजो नहिं जानू ।

सपनिहुँ आन देव नहिं गौरश्याम उरमें अनुमानीं ।।

नहिं अभिलाष मुक्तिकी मेरे आस वास श्रीवन हियआनीं।

ललितकिशोरी कृपा न भयकछु सांच कहों झूठी न बखानी॥

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

फागुनमास रंगीला, घरघर ढोलक डफ वाजें।

चपलि चपलि खेलें चपलासी, अवला तजि लाजैं।।

चलें रंग केशर पिचकारी।

दंद गुलाल घटा घिरिआंई, भादौं अँधियारी।।

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

Jhulan Yatra, Vrindavan

झूलत श्यामा सांवरो, झोटा आलिंगन देत।

पुलकि पुलकि विहरत लखौं, वंशीवट संकेत।।

पीताम्बर मिली चुनरी, फुहरत झोंटा मांहि।

बरसाने दोऊ भामते, झूलत नैन लखाही ।।

Basant Panchami, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

माहमहीना अतिरसभीना, छविवसंत छाई।

दुम पत्रं वीन प्रफुल्लित, सौरभ महिकाई।।

सावन तन पीतवसन धारे। भोजन भवन पीत आभूषन, अँगअँग सिंगारे।।

परसि मुखचुंबन ललताहीं। श्यामाश्याम रसिक रंगभीने, दीने गलवाहीं।।

Akshay Tritiya, Vrindavan

Peacock2.gif
down.gif
Peacock2_edited.png

अखैतीज उत्सव री सजनी, रसभीनी रजनी अतिष्यारी॥

फूल रही वनकुंजन वेली, कली चमेली कुमुद निवासी ।।

LIST OF FESTIVALS CELEBRATED IN

SHAH JI TEMPLE, VRINDAVAN

ek-nahi.gif